(N/A) ढलान से नीचे लुढ़कते गोले की गति स्थानांतरण गति (द्रव्यमान केंद्र की) और घूर्णन गति (द्रव्यमान केंद्र के परितः) का संयोजन है। जब गोला बिना फिसले लुढ़कता है,तो वह ढलान के अनुदिश कार्य करने वाले गुरुत्वाकर्षण के घटक $(mg \sin \theta)$ के कारण त्वरित होता है।
लुढ़कते हुए पिंड की कुल गतिज ऊर्जा $(K)$ उसकी स्थानांतरण गतिज ऊर्जा $(K_t)$ और घूर्णन गतिज ऊर्जा $(K_r)$ का योग होती है:
$K = K_t + K_r$
$K = \frac{1}{2}mv^2 + \frac{1}{2}I\omega^2$
चूंकि पिंड बिना फिसले लुढ़कता है,इसलिए $v = r\omega$,जहाँ $v$ रैखिक वेग है,$r$ त्रिज्या है,और $\omega$ कोणीय वेग है। $I = mk^2$ (जहाँ $k$ घूर्णन त्रिज्या है) और $\omega = v/r$ प्रतिस्थापित करने पर:
$K = \frac{1}{2}mv^2 + \frac{1}{2}(mk^2)(v/r)^2$
$K = \frac{1}{2}mv^2 (1 + \frac{k^2}{r^2})$